| अधूरी सी बात कुछ कहना तो चाह रहे हैं, पर कह नहीं पा रहे हैं, न जाने क्यूँ लव्ज़ जुबां पे आकर, यूँ ठहर जा रहे हैं ! ख्याल भी मुझसे दूर जाकर, जाने किस ओर जा रहा है, अंजाम न पाकर, लौट कर आ रहा है ! कोई गूँज किसी ओर से, इधर आ रही है, मेरी ख़ामोशी से टकराकर, बिखर जा रही है ! क्या पागल है ये मन ? इस तरह बहका जा रहा है, रो रही है आँखें, और ये हँसना चाह रहा है ! कोई ख़ुशबू तो है यहाँ, जो माहौल को महका रही है, अपने ही आहोश में, मुझे डूबोए जा रही है ! मैं क्या सोच रही थी, और कहाँ जा रही थी ? हाँ, शायद किसी अधूरे से एहसास को, पकड़ना चाह रही थी ! |
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Tuesday, November 23, 2010
Posted by Urmi at 4:51 PM 27 comments
Saturday, November 6, 2010
| दिवाली मुस्कुराते हँसते दीप जलाये, जीवन में नयी खुशियाँ लेकर आये, दुःख दर्द भूलकर गले लगाये, मिलजुलकर सब दिवाली मनाये ! सुख सम्पदा सबके जीवन में आये, सुन्दर दीपों से आँगन जगमगाये, चारों तरफ़ रोशनी ही रोशनी छाये, पटाखों की बौछार से जग झिलमिलाये ! रंग बिखर रही फुलझरियां, टीम टीम दीपों की लड़ियाँ, दमक रही घर द्वारों पर, दीपों का ये त्यौहार है अनूठा ! बम फटे और चले पटाखें, रोशनी से मूंद मूंद गयी सबकी आँखें, घर घर में छायी खुशहाली, देखो मुस्काती आयी दिवाली ! |
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Posted by Urmi at 6:42 AM 13 comments
Tuesday, October 19, 2010
| मौसम बारिश का ये मौसम, कुछ याद दिलाता है ! किसीके साथ होने का, एहसास दिलाता है ! फिज़ा भी सर्द है, यादें भी ताज़ा है ! ये मौसम किसीका प्यार, दिल में जगाता है ! भीगी हुई रातें, ख़ामोश सी बातें, ऐसे में कुछ कहूँ तो, हर लफ्ज़ मरहम हो जाता है ! बरसात की है बूँदें, बूँदों में है ख़ुशबू, ये लम्हा दिल का एहसास छू जाता है ! अब कह दो तुम अपने दिल की बात, ये मौसम पल भर में बीत जाता है ! |
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Posted by Urmi at 10:40 PM 26 comments
Monday, October 11, 2010
तलाश निकले थे कुछ दूर हम, आज़ाद पंछी की तरह, मिल जाए कहीं हमें वो जगह, खुला आकाश, अपनी ज़मीन, पंख फैलाये, हम थे लीन ! जग अपना, खुशियाँ अपनी, लगा जैसे, कहीं वो तो नहीं, आज उड़ने का मन था, कहना कुछ भी कम था, पर पल हर पल एक आस है, आज भी हमें तलाश है ! |
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Posted by Urmi at 6:16 AM 21 comments
Tuesday, October 5, 2010
Posted by Urmi at 1:27 AM 23 comments
Monday, September 27, 2010
| एहसास मेरा जीवन था बिखरा बिखरा, बह निकला एक दरिया सा, दिल में तुमने मुझे बसाया, साथ हर मुश्किल में मेरा दिया ! एहसास हो तुम मेरे मन का, धड़कन हो मेरी ज़िन्दगी का, तुम सागर हो तुम साहिल भी, तुम रास्ता भी और मंज़िल भी ! किस्मत से हम एक दूजे से मिले, चलता रहे यूँ प्यार के सिलसिले, जो दिल कहता वो तुम सुन लो, तुम मेरे हो तुम मेरे हो ! ये जनम जनम के रिश्ते हैं, सम्बन्ध प्यार से बनते हैं, तुम्हारे बाहों में हमेशा रहूँ, इस एहसास को जीवन भर पा सकूँ ! |
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Posted by Urmi at 5:58 AM 31 comments
Thursday, September 23, 2010
| सदा की साथी माँ पिताजी की आँखों में आँसू न आए, हर कदम पर हम उनका साथ निभाए, बाधा-विपत्ति मुश्क़िलों में न मुँह मोड़े, छोटी सी हर ख़ुशी उनके साथ बांटे ! ज़रूरी नहीं माँ पिताजी को सोना चांदी दे, पर उनका जिगर जले ये कतई होने न दे, उनके प्यार और ममता को पूजे सदा, माँ पिताजी से बढ़कर न है कोई दूजा ! घर का नाम रखे मातृछाया या पितृछाया, पर अपने माँ पिताजी का पड़ने न दे परछाईयाँ, क्यूँ रखें हम दिखाने के लिए ऐसा नाम, सुख शान्ति न रहे ऐसे घर का क्या काम ! माँ पिताजी की आँखें न होने देंगे नम, चाहे उनसे दूर जाएँ पर मुस्कुरायेंगे हम, माँ पिताजी चाहे हमें कितना ही डांटे, पर उनकी इज्ज़त करना कभी न भूलें ! माँ पिताजी ने हमें बोलना सिखाया, उँगलियाँ पकड़कर हमें चलना सिखाया, जीवन के अँधेरे पथ पर रौशनी बनकर रहे, आज उन्हीं की बदौलत इस मुकाम पर पहुँचे ! चाहे हम कितना ही धन दौलत कमाए, पर माँ पिताजी के आशीर्वाद बिना अधूरा रह जाए, उनके वजह से हमें अच्छी ज़िन्दगी मिली, याद रखें सदा माँ पिताजी के विकल्प कोई नहीं ! |
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Posted by Urmi at 9:14 PM 35 comments
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