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Saturday, August 28, 2010


अत्याचार पर आवाज़

वर्षों पहले हुआ,
देश स्वतंत्र हमारा !

महिलाओं पर
अत्याचार बदस्तूर
जारी है!


नारी नहीं है अबला,
हर मुश्क़िलों का करती
डटकर मुकाबला !


अब
महिलायें
कठपुतलियों की तरह
नहीं नाचेगी !
दहेज न देने पर
अत्याचार भी नहीं सहेगी !

मत समझो दयनीय,
चैन से, सुखपूर्वक,
जीने
दो हमें,
अपना संसार बसाये !


अब
रोज़-रोज़
महिलाओं पर उत्पीड़न
नहीं होगा नहीं होगा !

Monday, August 23, 2010



रक्षाबंधन

राखी एक पवित्र बंधन है,
बहन के लिए ये ख़ास दिन है !

हर धागे में है भरपूर प्यार,
भैया तुम्हीं हो जिससे खिलता है संसार !

स्नेह ममता से भरा है प्यार तुम्हारा,
भैया तुम्हीं हो मेरे जीने का सहारा !

बचपन की वो मीठी यादें,
लड़ते झगड़ते फिर गले मिलते !

भैया तेरा साया रहे मुझ पर सदा,
इश्वर से करती हूँ ये दुआ हमेशा !

हम भले ही दूर रहें तुमसे कितना,
पर हमारा प्यार कभी न भूलना !

कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे,
तुम्हें ज़िन्दगी में सारी खुशियाँ मिले !

भाई बहन का प्यार यूँ ही बरक़रार रहे,
हर साल ये प्यार यूँ बढ़ता ही चले !


Friday, August 20, 2010


खाली सा कुछ

यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल ख़ुशी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

हर लम्हा है हसीन, नयी दिलकशी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

रिश्ते वफ़ायें चाहत सब कुछ है साथ,

फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

आँखों में है ख़्वाब, लबों पे हँसी है साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

दिल को नहीं है कोई शिकायत किसी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

कुदरत भी मेहरबान है दरियादिली के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

Sunday, August 15, 2010


स्वतंत्रता दिवस

हम जिस माता की है संतान,
भारत माता तुझे प्रणाम,
अपनेपन के साथ सदा रहेंगे,
मिलकर सुख-दुःख साथ सहेंगे !

हम
मिलकर देश की रक्षा करेंगे,
कर्त्तव्य से न कभी मुँह मोड़ेंगे,
एक सुर में फिर हम सब बाधेंगे,
माँ तेरी ममता पर नतमस्तक रहेंगे !

हम सब मिलकर देश को बचायेंगे,
देश को प्रगति की ओढ़ बढ़ायेंगे,
उन शहीदों की क़ुरबानी को नहीं भूलेंगे,
माँ की बलिवेदी पर अर्पण प्राण करेंगे !

न मेरा, न तेरा, न इसका, न उसका,
ये वतन है हम सबका,
अपने देश की करेंगे हिफाज़त,
मिटा देंगे हम एक दूजे से नफ़रत !



Tuesday, August 10, 2010


घर

प्यार से खुशियों से भरा रहे मेरा घर,
दूर कहीं भी जाए पर याद आए अपना घर !

बीते हुए सुनहरे पलों को रखते हैं समेटकर,
अपना घर से न प्यारा होता है कोई घर !

सबके साथ लगाव और अपनापन से भरा,
गुलदान में फूलों जैसा है घर खुशबू से भरा !

आँखें नम हो जाती है बीती बातों को सोचकर,
भले ही भूलें हम खुदको पर न भूले अपना घर !

चाहे घर से कितने ही दूर क्यूँ न चले जाए,
पर हमें अपना घर हर लम्हा याद आए !





Friday, August 6, 2010


मेरे प्यारे पापा

याद आए पापा परदेस में रहकर,
आँखें नम हो जाती है बारम्बार !


आज है जन्मदिन मेरे प्यारे पापा का,
अपनी बिटिया को मिले प्यार आपका !


सोच रही हूँ बचपन के दिनों को,
थामा करती थी आपकी मजबूत कलाई को !


भाई के साथ लड़ना माँ से डांट खाना,
नन्हे नन्हे क़दमों से आपके पास जाना !

सदा खुशहाल सही सलामत रहे आप,
आपकी प्यारी बिटिया है सदा आपके पास !

पापा मैं करती हूँ आपसे बहुत प्यार,
आपसे मिलने के लिए करती हूँ इंतज़ार !






Sunday, August 1, 2010



मित्रता दिवस

यादों का ये सिलसिला बनाये रखना,
दोस्त कहा है तो दोस्ती बनाये रखना,
चाहे कितने ही दूर क्यूँ न रहे तुमसे,
पर ये दोस्ती हमेशा बनाये रखना !

दोस्ती नाम है ज़िन्दगी का,
ये रिश्ता है अटूट विश्वास का,
इससे बढ़कर कोई नाता नहीं,
इसे आखरी दम तक छोड़ेंगे नहीं !

नज़र तुम्हारी, नज़र हमारी,
नज़र ने दिल की नज़र उतारी,
नज़र ने देखा नज़र को ऐसे,
नज़र दोस्ती को
लगे न हमारी !

दोस्ती का पहला पैगाम तेरे नाम,
ज़िन्दगी की आखरी सांस तेरे नाम,
रहे सलामत ये दोस्ती अपनी,
इसे सलामत रखना तेरा काम !