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Saturday, September 11, 2010


गणेश चतुर्थी

गणेश तेरा रूप है निराला,
कोटि सूर्य का है तुझमें उजाला !

सिंदुर लाल चढ़ाये अपने मन का,
सुन्दर लाल विराजे सुत गौरी-शिव का !

हे गणपति तू सबके दुःख दूर करना ,
संकट में हम सबकी रक्षा करना !

ज्ञानी दानी तू है सिद्धिदाता,
सबके लिए तू प्यार बरसाता !

हाथ में लिए लड्डू प्रभु गजानन,
सब भक्तों को मिले तेरा दर्शन !

हर गुण से पूर्ण है शिव गौरी नंदन,
तुझको भाये कुमकुम केसर चन्दन !

मोतियों का माला चमके तेरे गले पर,
खुशियाँ लहराए सबके द्वार पर !

जय श्री गजराज विद्या सुख दाता,
गणपति बप्पा तू है विघ्न हरता !

तेरे दर्शन से मिले जीवन में सफलता,
झुकाके सिर तेरे पद में मिले प्रसन्नता !

Sunday, September 5, 2010



शिक्षक दिवस

आपके आशीष, तालीम और ज्ञान से,
आपके उपदेश, उसूल एवं व्याख्यान से,
मुझे मिली एक नयी परिधि, एक नयी दिशा !

डगमगाते कदम को आपने नेक राह और आधार दिया,
संकीर्द, संकुचित बुद्धि को अनंत सा विस्तार दिया,
निस्वार्थ और निर्लोभ होकर आगे चलना सिखाया !

काम निष्ठापूर्वक करने पर आपने हमेशा सराहा,
कभी सदाचार से कभी दुलार से उत्साह बढ़ाया,
उद्दण्ता को दंड देकर विकसित किया और आयाम दिया !

हर विद्यार्थी हो जीवन में
सफल, आपने हमेशा चाहा,
गुरुवर मेरे सिर पुनः आशिषमय कर दीजिये,
"उर्मी" हर बुलंदियों को छुए आप आशीर्वाद दीजिये !

Wednesday, September 1, 2010


जन्माष्टमी

चन्दन की खुशबू, फूलों का हार,
दही की हांडी, बारीश की फुहार,
माखन चुराने आया नंदलाल,
यशोमती मैया का नंदगोपाल !


राधा की भक्ति, मुरली की मिठास,
माखन का स्वाद और गोपियों का रास,
इन्ही सबसे मिलकर बनता है,
जन्माष्टमी का ये दिन ख़ास !

मुरली मनोहर, ब्रिज के धरोहर,
मुरली की मधुर आवाज़, झूम उठे ये बहार,
कृष्ण जिनका नाम, गोकुल जिनका धाम,
श्री कृष्ण भगवान को हम सबका प्रणाम !

Saturday, August 28, 2010


अत्याचार पर आवाज़

वर्षों पहले हुआ,
देश स्वतंत्र हमारा !

महिलाओं पर
अत्याचार बदस्तूर
जारी है!


नारी नहीं है अबला,
हर मुश्क़िलों का करती
डटकर मुकाबला !


अब
महिलायें
कठपुतलियों की तरह
नहीं नाचेगी !
दहेज न देने पर
अत्याचार भी नहीं सहेगी !

मत समझो दयनीय,
चैन से, सुखपूर्वक,
जीने
दो हमें,
अपना संसार बसाये !


अब
रोज़-रोज़
महिलाओं पर उत्पीड़न
नहीं होगा नहीं होगा !

Monday, August 23, 2010



रक्षाबंधन

राखी एक पवित्र बंधन है,
बहन के लिए ये ख़ास दिन है !

हर धागे में है भरपूर प्यार,
भैया तुम्हीं हो जिससे खिलता है संसार !

स्नेह ममता से भरा है प्यार तुम्हारा,
भैया तुम्हीं हो मेरे जीने का सहारा !

बचपन की वो मीठी यादें,
लड़ते झगड़ते फिर गले मिलते !

भैया तेरा साया रहे मुझ पर सदा,
इश्वर से करती हूँ ये दुआ हमेशा !

हम भले ही दूर रहें तुमसे कितना,
पर हमारा प्यार कभी न भूलना !

कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे,
तुम्हें ज़िन्दगी में सारी खुशियाँ मिले !

भाई बहन का प्यार यूँ ही बरक़रार रहे,
हर साल ये प्यार यूँ बढ़ता ही चले !


Friday, August 20, 2010


खाली सा कुछ

यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल ख़ुशी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

हर लम्हा है हसीन, नयी दिलकशी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

रिश्ते वफ़ायें चाहत सब कुछ है साथ,

फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

आँखों में है ख़्वाब, लबों पे हँसी है साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

दिल को नहीं है कोई शिकायत किसी के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

कुदरत भी मेहरबान है दरियादिली के साथ,
फिर भी कोई कमी सी है क्यूँ ज़िन्दगी के साथ !

Sunday, August 15, 2010


स्वतंत्रता दिवस

हम जिस माता की है संतान,
भारत माता तुझे प्रणाम,
अपनेपन के साथ सदा रहेंगे,
मिलकर सुख-दुःख साथ सहेंगे !

हम
मिलकर देश की रक्षा करेंगे,
कर्त्तव्य से न कभी मुँह मोड़ेंगे,
एक सुर में फिर हम सब बाधेंगे,
माँ तेरी ममता पर नतमस्तक रहेंगे !

हम सब मिलकर देश को बचायेंगे,
देश को प्रगति की ओढ़ बढ़ायेंगे,
उन शहीदों की क़ुरबानी को नहीं भूलेंगे,
माँ की बलिवेदी पर अर्पण प्राण करेंगे !

न मेरा, न तेरा, न इसका, न उसका,
ये वतन है हम सबका,
अपने देश की करेंगे हिफाज़त,
मिटा देंगे हम एक दूजे से नफ़रत !