| बारिश गड़गड़ गरजने लगा है बादल, आंधी तूफानों से है हलचल, टिपटिप बरसने लगा है पानी, आयी है देखो वर्षा रानी ! नन्हे नन्हे पंछी बेचारे, भटक रहे थे प्यास के मारे, झुलस रहे थे गर्मी में सारे, झूम उठे जब पानी बरसे ! सूखे पौधे अब हुए हरे-भरे, मुरझाये फूल अब खिलने लगे, छोटे बच्चे कागज़ के नाव बनाते, पानी में तैरते देख खिलखिलाते ! मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशबू, ले गयी जीवन की हर आरज़ू, छमछम बरसे पानी की बूँदें, अब बारिश के सिवा न कुछ सूझे ! होठों पर मुस्कान की आनाकानी, मस्त पवन है करती मनमानी, धिन धिनक धिन दिर दिर धानी, रिमझिम रिमझिम बरसा पानी ! |
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Tuesday, July 27, 2010
Posted by Urmi at 8:46 PM 22 comments
Friday, June 25, 2010
| माइकेल जैक्सन की याद में देखते ही देखते वक़्त तेज़ रफ़्तार से बीत गया, आज वो दुखभरा दिन फिर से लौटकर आ गया ! माइकेल जैक्सन के गाने थे सबको प्यारे, उनके गाने के साथ नाचने के क्या कहने ! जैक्सन का हर एक प्रदर्शन था कमाल, सब लोग जैक्सन के गाने सुनकर होते थे बेहाल ! पर जैक्सन हम सबको छोड़कर अचानक चले गए, पूरी दुनिया जैक्सन के चले जाने के गम में खो गए ! जो ख़्वाब में न सोचा वो हकीक़त बन गया, जैक्सन के निधन का आज पूरा एक साल हो गया ! |
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Posted by Urmi at 10:34 PM 19 comments
Saturday, June 12, 2010

प्रिय मित्रों,
मैं कुछ दिनों के लिए घूमने जा रही हूँ! आप सभी को बहुत याद करुँगी! आप सभी का पोस्ट मैं आकर पढूंगी! आप सब अपना ख्याल रखियेगा! जल्द मुलाकात होगी!
Posted by Urmi at 9:27 PM 9 comments
Sunday, June 6, 2010
ख़ूबसूरत ख़ूबसूरत है वो दिल, जो किसीके दर्द को समझे ! ख़ूबसूरत है वो एहसास, जो किसीके दर्द का मरहम बने ! ख़ूबसूरत है वो जज़्बात, जो किसीका एहसास करें ! ख़ूबसूरत है वो बातें, जो किसीका दिल न दुखाएं ! ख़ूबसूरत है वो आँसू, जो किसीके दर्द को महसूस करके बह जाएँ ! ख़ूबसूरत है वो हाथ, जो किसीको मुश्किल वक़्त में थाम लें ! ख़ूबसूरत है वो कदम, जो किसीकी मदद के लिए आगे बढ़ें ! ख़ूबसूरत है वो सोच, जो किसीके लिए अच्छा सोचे ! |
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Posted by Urmi at 11:39 PM 14 comments
Tuesday, June 1, 2010
| अलग अलग हर इंसान के विचार होते हैं अलग, पूजा करने के तरीके होते हैं अलग ! आसमान में चाँद और जगमगाते तारे हैं अलग, खिलखिलाते सूरज की बात है अलग ! रहन सहन हर किसीके है अलग, बात करने के ढंग है सबके अलग ! नेताओं के लम्बे चौड़े भाषण की बात है अलग, अपने वादे से मुकड़ जाने में है सबसे अलग ! माँ पिताजी के भरपूर प्यार की बात है अलग, भाई बहन का अटूट प्यार है अलग ! मेहनत मज़दूरी करके गरीब हैं अलग, दौलत के अहंकार में अमीर होते हैं अलग ! घर में मिलजुलकर रहने की बात है अलग, अपनापन बनाये रखने में है बात अलग ! मुश्क़िलों का सामना करने की बात है अलग, धैर्य और हिम्मत से सुलझाने की बात है अलग ! |
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Posted by Urmi at 6:25 AM 15 comments
Tuesday, May 25, 2010
| आख़िर क्या लिखूँ बारिश का वो भीगा पानी, और हवा में थी जो रवानी, क्या उस मौसम का ख़ुमार लिखूँ? आँखों में थी थोड़ी शरारत, और बातों में वो नज़ाकत, क्या उनके रंगीन मिजाज़ लिखूँ? उनका आकर मुस्कुराना, जो रूठ जाऊँ तो मनाना, क्या उनका ये अंदाज़ लिखूँ? हर शाम एक दिया जलाना, सोयी उम्मीद को रोज़ जगाना, क्या उनका ये इंतज़ार लिखूँ? |
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Posted by Urmi at 12:22 PM 16 comments
Friday, May 21, 2010
| उदास मन मन बहुत उदास है, बुझती न मेरी प्यास है ! वो जल्द चलकर आयेंगे, इतना मुझे विश्वास है ! उनके जाने का अफ़सोस है, मन बहुत उदास है ! राह सब अंजान हैं, काँटों भरे मुकाम है ! देते चुभन हमको घनी, है मित्रता इनसे घनी ! डर ही तो रहता पास है, मन बहुत उदास है ! |
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Posted by Urmi at 12:53 PM 17 comments
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