तलाश न कोई मक्सद था न कोई मंजिल, न जाने फिर क्यूँ पुकारता ये दिल ! निकल पड़े जब मंजिल पर हम, भुलाके अपने सारे दुःख और गम ! चाह थी उड़ने की आज़ाद पंछियों की तरह, सुकून भरा जीवन मिले जिस जगह ! खुला आसमां फैला ये जहां, दिल ने चाहा उड़ती फिरूँ यहाँ वहाँ ! एहसास हुआ जैसे दिल है खाली, लगा पंख फैलाये मैं उड़ने वाली ! |
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Tuesday, March 9, 2010
Posted by Urmi at 10:24 PM 10 comments
Thursday, March 4, 2010
बदलता ज़माना कैसा बदल गया है ज़माना, धरम के नाम पर हो रहा है दंगा, जनता को झूठा दिलासा देते हैं नेता, सिर्फ़ लम्बी चौड़ी भाषण है सुनाता ! रिशवत, घुसखोरी और चोरी, इसमें भरा है देश पूरी, चारों ओर है लड़ाई और लूटमार, भाईचारे के नाम पर हो रहा है वार ! जिस देश पर लाखों हुए कुर्बान, नज़र आता है टूटे हुए मंदिर मकान, मासूम लोग देते हैं बलिदान, क्या यही है मेरा भारत महान ! आओ सब मिलकर वतन को बचायें, गरीबी और लाचारी को मिटायें, ले आये हर आंगन में खुशियाँ, बदल दे इस नए ज़माने की रीतियाँ ! |
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Posted by Urmi at 11:17 PM 13 comments
Sunday, February 28, 2010
होली होली आयी होली आयी, रंग बिरंगी होली आयी, लाल हरा नीला पीला, हर तरफ है रंगों का मेला ! ये पर्व है रंगों का, आपस में प्यार बढ़ाने का, सारे गम भुलाके हम, होली खेले सबके संग ! रंगों की फुहार है, गीतों की बहार है, हाथों में रंग लिए, आओ हम सब झूमे गाए ! पिचकारी की धार, रंगों की बौछार, खुशियों का है भरमार, आया है होली का त्यौहार ! |
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Posted by Urmi at 3:30 AM 17 comments
Saturday, February 20, 2010
संघर्ष ऐ ज़िन्दगी तुझसे रूठी मैं, मुझे मनाने की कोशिश न करना, मृत्यु के आलिंगन में जाऊं तो, मुझे बेवफ़ा न कहना ! तुझसे ही प्रेम किया था कभी, जीने की चाह भी थी तभी, तेरे ही गीत गाती रही, तेरे ही धुन पर नाचती रही ! समझी तो थी खुशी तुझे, गम ही गम समझती रही, सिर्फ़ ख़्वाब ही तो देखती रही, कभी परछाई तक भी न देखी ! तुझसे ही शिकवा करती रही, तेरे ही आस में जीती रही, तुझे तो समझ ही गयी मैं, तू मुझे समझ न सका ! अब तो संघर्ष चलता रहा, आखिर तुझसे हार ही गयी, शर्म से ढके चेहरे न दिखाऊं तुझे, तो तुम माफ़ कर देना मुझे ! |
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Posted by Urmi at 9:05 PM 18 comments
Sunday, February 14, 2010
| वेलेंटाइन डे कुछ जज़्बात है खोये हुए, पर होठों पर आकर रुक गए, बसंती भर से गेसू मेरे, चेहरे पर आकर रुक गए ! ये दिन है आज मोहब्बत का, ख़ामोश न रहेंगे अब, आँखों से बयान करेंगे, ख़ामोश ही रहेंगे लब ! |
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Posted by Urmi at 2:03 AM 15 comments
Tuesday, February 9, 2010
| तुम्हारी याद अचानक कल नींद में, चमक उठी तुम्हारी याद, गुफ़ाओं के अँधेरे में, कोहिनूर सी तुम्हारी याद ! उस दिलकश चेहरे का, दीदार हुआ था बरसों बाद, भीगी पलकें ताज़ा कर गयी, बीते रंगीन लम्हों की याद ! तन्हाई में तरसे मन मेरा जब, दिल भी हो बहुत नाशाद, ऐसे में दिलाए मुझको सुकून, रूह अफज़ाई से तुम्हारी याद ! |
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Posted by Urmi at 4:09 AM 21 comments
Tuesday, February 2, 2010
हमारा प्यारा देश यह है हमारा प्यारा देश, देश है खेत खलिहानों से, मज़दूरों से किसानों से, इनमें बसता है हमारा देश, यह है हमारा प्यारा देश ! बच्चों की खिलखिलाहट से, पंछियों की चहचहाहट से, युवाओं की मुस्कुराहट से, इनमें बसता है हमारा देश, यह है हमारा प्यारा देश ! कुछ भूखे हैं कुछ गरीब है, भीख मांगना जिनका नसीब है, यह दुनिया भी अजीब है, इनमें बसता है हमारा देश, यह है हमारा प्यारा देश ! |
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Posted by Urmi at 10:43 AM 12 comments
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