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Saturday, May 1, 2010




परिवार

हँसता खेलता खुशियों से भरा,
शुक्ला जी का परिवार था पूरा !


माँ पिताजी पत्नी और दो बच्चे,
सब थे सीधे-साधे मन के सच्चे !


शुक्ला जी दिनभर मेहनत करते,
शाम को थके हुए घर लौटते !


सांस ससुर की सेवा करती बहुरानी,
बच्चे सुनते थे दादा दादी से कहानी !


शुक्ला जी का दफ़्तर था बिल्कुल पास,
खाना खाने आते थे दोपहर को निवास !

सुख शांति से भरा था शुक्ला जी का परिवार,
ऐसा हो सबका घर और आनंदमय संसार !










20 comments:

nilesh mathur said...

काश मैं शुक्ला जी होता !

Unseen Rajasthan said...

Bahut hi Sundar Rachna hai !! Shulkla Ji kalpnaik naam lekar apne muktak ko atyant mohak bana diya hai !!Badhai..

शिव कुमार "साहिल" said...

ऐसा हो सबका घर और आनंदमय संसार !

bahut sunder

राज भाटिय़ा said...

सुख शांति से भरा था शुक्ला जी का परिवार,
ऐसा हो सबका घर और आनंदमय संसार !
वाह वाह जी सारे भारत के घर शुकला जी के घर जैसे हो

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बबली बेटी... ई तुमरा कबिता पढने के बाद से हमेसा लगता है कि केतना अच्छा संस्कार तुमरा माँ बाप तुमको दिए हैं.. हर कबिता में परिबार का भावना देखाई देता है... जियो बचिया... ई गुन बचाकर रखो..

ओम पुरोहित'कागद' said...

अच्छा प्रयास!अच्छी कामना!ऐसा ही हो हर घर परिवार!

Apanatva said...

parivar aisa hee hota hai.......

Suman said...

nice

Shekhar Suman said...

sach me kaash sab ka pariwaar itna hi khubsurat hota...
bahut hi sundar rachna..........

JHAROKHA said...

shukla ji kee hee tarah sabhee ka parivaar khushhal hona chahiye----sundar kavita.
Poonam

अनामिका की सदाये...... said...

bahut badhiya rachna.

शिवम् मिश्रा said...

NICE ;)

ऐसा ही हो हर घर परिवार!

sangeeta swarup said...

सुख सम्पन्नता से भरा शुक्ल जी का परिवार ...

P S Bhakuni (Paanu) said...

shukla ji ka pariwar tha ,kitna achcha hota yadi shukla ji ka pariwar hota , phli najar main image ko dekh kr laga pariwarik sadshyon ki tadat jyada hai lakin jb dhyan se dekha to aapke anusar barabr sadshy mojud they ,ek achchi prastuti ke liye abhaar

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बढ़िया प्रस्तुति,
कविता लघु-कथा जैसी लगी!

अरुणेश मिश्र said...

भोली भाली कविता .बधाई ।

राजेन्द्र मीणा 'नटखट' said...

yahi to hota hai sansaar ....bahut hi sundar rachna ..badhaai swekaare

http://athaah.blogspot.com/

संजय भास्कर said...

आपके लेखन ने इसे जानदार और शानदार बना दिया है....

Mukesh Kumar Sinha said...

lagta hai Shukla jee ka pariwar aapka padosi hai..........:P:D
.
hai na!!

kushwansh said...

jeevan ko jhakjhorti kavitao ke liye badhai, aapki sahitya sadhna utrottar aage badhti rahe