वेदना, करुणा और दुःखानुभूति को उजागर करती भाषिक बेफिक्री से की गई आत्माभिव्यक्ति, बधाई।
आपको ढेर सारे अच्छे दोस्त मिले यह दुआ ।
काबिले तारीफ़ - दोस्ती के माने, दोस्त से उम्मीदें, दोस्ती की ख्वाहिश... कितना कुछ आपने इतने कम शब्दों में कह दिया.
प्रेम है ढूँढता प्यार से आपको,उसके दिल में हैं हसरत समाई हुई।प्यार से उर सजाना सदा यार का,हो वहाँ रोशनी बनके छाई हुई।बिन बुलाए ही परवाने आ जायेंगे।अपनी शम्मा पे जल कर वो मर जायेंगे।शम्मा जलती रहे वो दुआ कर रहे,जान उसपे वो कुर्बान कर जायेंगे।।
" दोस्त तू हमेशा मेरे दिल में रहना, अगर कभी तेरी राहों में अँधेरा हो, तो रोशनी बनकर ये दोस्त छा जाएगा !"" bahut hi acchi rachana ...badhai "----- eksacchai { AAWAZ }http://eksacchai.blogspot.combabli, last do line agar aap .... "agar kabhi teri rahon me andhera chhaye,to roshani banker ye dost chha jaaye"agar ho sake to ...aap padhker dekhana fir chaahe to badlav karana ."
दोस्ती को आपने बहुत सुंदर तरीके से व्याख्यायित किया है। अच्छा लगा पढकर।करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ।----------बोटी-बोटी जिस्म नुचवाना कैसा लगता होगा?
decent write up and its nice too
दोस्त वो जो बिन बुलाये आए,कभी हंसाये और कभी रुलाये,मगर हमेशा साथ निभाए !वाकई ऐसे दोस्त की तलब तो हरेक को होती है.
दोस्त वो जो बिन बुलाये आए,
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9 comments:
वेदना, करुणा और दुःखानुभूति को उजागर करती भाषिक बेफिक्री से की गई आत्माभिव्यक्ति, बधाई।
आपको ढेर सारे अच्छे दोस्त मिले यह दुआ ।
काबिले तारीफ़ - दोस्ती के माने, दोस्त से उम्मीदें, दोस्ती की ख्वाहिश... कितना कुछ आपने इतने कम शब्दों में कह दिया.
प्रेम है ढूँढता प्यार से आपको,
उसके दिल में हैं हसरत समाई हुई।
प्यार से उर सजाना सदा यार का,
हो वहाँ रोशनी बनके छाई हुई।
बिन बुलाए ही परवाने आ जायेंगे।
अपनी शम्मा पे जल कर वो मर जायेंगे।
शम्मा जलती रहे वो दुआ कर रहे,
जान उसपे वो कुर्बान कर जायेंगे।।
" दोस्त तू हमेशा मेरे दिल में रहना,
अगर कभी तेरी राहों में अँधेरा हो,
तो रोशनी बनकर ये दोस्त छा जाएगा !"
" bahut hi acchi rachana ...badhai "
----- eksacchai { AAWAZ }
http://eksacchai.blogspot.com
babli, last do line agar aap ....
"agar kabhi teri rahon me andhera chhaye,
to roshani banker ye dost chha jaaye"
agar ho sake to ...aap padhker dekhana fir chaahe to badlav karana ."
दोस्ती को आपने बहुत सुंदर तरीके से व्याख्यायित किया है। अच्छा लगा पढकर।
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
----------
बोटी-बोटी जिस्म नुचवाना कैसा लगता होगा?
decent write up and its nice too
दोस्त वो जो बिन बुलाये आए,
कभी हंसाये और कभी रुलाये,
मगर हमेशा साथ निभाए !
वाकई ऐसे दोस्त की तलब तो हरेक को होती है.
दोस्त वो जो बिन बुलाये आए,
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