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Monday, August 22, 2011

कान्हा का जन्मदिवस

माखन खाए, शोर मचाये,
गोपियों के संग रास रचाए,
मुरली बजाके मन बहलाए,
है वो नटखट नंदगोपाल !

गोकुल में करे जो निवास,
सबके मन में है कान्हा का वास,
बारिश में झूमे सारी गोपियाँ,
कान्हा देखे गोपियों की मस्तियाँ !

माखन चुराकर जिसने खाया,
बंसी बजाकर जिसने नचाया,
ख़ुशी मनाओ उनके जन्म की,
जिसने दुनिया को प्रेम करना सिखाया !

बच्चे बूढ़े सभी झूमे मस्ती में,
सबके दिल में है ज़ोश उत्साह,
उमंग से भरा ये पल रहे हमेशा,
कान्हा का आशीर्वाद रहे सर्वदा !


26 comments:

ऋता शेखर 'मधु' said...

बेहतरीन प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

prerna argal said...

बहुत ही सुंदर प्रस्तुति /कान्हा के जन्मदिवस पर उनके सारे क्रिया कलापों को बताती शानदार अभिब्यक्ति के लिए बधाई आपको /
आप ब्लोगर्स मीट वीकली (५) के मंच पर आयें /और अपने विचारों से हमें अवगत कराएं /आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें यही कामना है /प्रत्येक सोमवार को होने वाले
" http://hbfint.blogspot.com/2011/08/5-happy-janmashtami-happy-ramazan.html"ब्लोगर्स मीट वीकली मैं आप सादर आमंत्रित हैं /आभार /

kumar said...

गजब की रचना

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Kunwar Kusumesh said...

बेहतरीन प्रस्तुति.
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ.

Maheshwari kaneri said...

्सुन्दरप्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

वाह,कृष्ण जन्माष्टमी पर इतनी सुन्दर रचना के लिए धन्यवाद!
आपको सपरिवार श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ !
आभार!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

जन्माष्टमी की शुभकामनाएं!!

देवेश प्रताप said...

कृष्णलीला की सुन्दर प्रस्तुति .
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

A said...

You really write very good. You should pursue it at a commercial level - publish a book of poems...

Kailash C Sharma said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

Rakesh Kumar said...

वाह! वाह! वाह!

आप जानतीं हैं कान्हा कौन सा माखन
खाता है.खाने में भी चुरा कर खाने में
उसे ज्यादा आनंद आता है.

हृदय में छिपे सच्चे प्रेम भक्ति रूपी
माखन को ही उसे खाने मे आनंद आता है.

और 'श्रीमद्भगवद्गीता' रुपी ज्ञान की बंसी
बजाता है वो.

आपकी अनुपम प्रेमभरी प्रस्तुति के लिए
बहुत बहुत आभार.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर
आपको व आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर .....जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ ...शुभकामनायें

Dr (Miss) Sharad Singh said...

भावों और शब्दों का सुंदर संयोजन....

संतोष त्रिवेदी said...

जन्माष्टमी और अन्ना-अष्टमी दोनों की बधाई !

चैतन्य शर्मा said...

जन्माष्टमी की ढेर सारी शुभकामनायें आपको

veerubhai said...

सुन्दर सात्विक भाव चित्र ,गैया चरैया का ,ब्रज वासी का ,अभिसारिका राधा के कृष्ण का ...शुक्रिया ... रमादान (रमजान ,रमझान )मुबारक ,क्रष्ण जन्म मुबारक .मैं भी अन्ना ,तू भी अन्ना ,सारे अन्ना हो गए ,दिग्गी ,सिब्बल और मनीष सब चूहे बिलों में सो गए (डॉ .वेद प्रकाश ).
....
कुँवर कुसुमेश
अन्ना के अभियान में,जनता उनके साथ.
शायद भ्रष्टाचार से,अब तो मिले निजात.
अब तो मिले निजात,साथ दो मुरली वाले.
जिधर देखिये उधर,लूट-हत्या-घोटाले.
बने नया इतिहास,लिखे यह पन्ना-पन्ना.
सर्व -व्यापी सर्व -भक्षी भ्रष्टाचार हिन्दुस्तान की काया में कैंसर सा फ़ैल गया है .".............ॐ भूर्भुवास्व ..........कृष्णा अन्ना प्रचोदयात .......ही अब इसका खात्मा करेगा .
.......
जय अन्ना ,जय भारत . . रविवार, २१ अगस्त २०११
गाली गुफ्तार में सिद्धस्त तोते .......
http://veerubhai1947.blogspot.com/2011/08/blog-post_7845.html

Saturday, August 20, 2011
प्रधान मंत्री जी कह रहें हैं .....
http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
गर्भावस्था और धुम्रपान! (Smoking in pregnancy linked to serious birth defects)
http://sb.samwaad.com/

रविवार, २१ अगस्त २०११
सरकारी "हाथ "डिसपोज़ेबिल दस्ताना ".

http://veerubhai1947.blogspot.com/

एक स्वतन्त्र नागरिक said...

अच्छे भाव हैं.जरा एक और मुद्दे पर पढ़ें और कृपया अपनी राय अवश्य दें. सचिन को भारत रत्न क्यों?
http://sachin-why-bharat-ratna. blogspot.com

पी.एस .भाकुनी said...

माखन खाए, शोर मचाये,
गोपियों के संग रास रचाए,
मुरली बजाके मन बहलाए,
है वो नटखट नंदगोपाल................
भक्तिमय प्रस्तुति हेतु धन्यवाद .............

smshindi By Sonu said...

भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आपको बहुत बहुत शुभकामनाये ठाकुर जी की कृपा आप पर आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे

सुबीर रावत said...

सुन्दर प्रस्तुति. आपकी इस गीत को झूम झूम कर सुर में गाने का मन करता है, परन्तु देर हो गयी है.... अगली जन्माष्टमी में अवश्य गाऊँगा. (वैसे आप मुझे गवैया ना समझना बबली जी, इसलिए कह रहा हूँ कि आपकी यह रचना कविता की अपेक्षा गीत अधिक है) आभार.

वीना said...

जन्माष्टमी की बधाई....

G.N.SHAW said...

आशा है यह जन्मस्थामी समृधि लायेगा और भ्रष्टाचार का उन्मूलन करेगा ! बधाई उर्मी जी !

Dr Varsha Singh said...

भक्तिमय....
सहज प्रवाहमय सुन्दर रचना....

Ankit pandey said...

बहुत सुन्दर और भावपूर्ण कविता! दिल को छू गई हर एक पंक्तियाँ!शुभकामनाएं.

संजय भास्कर said...

कृष्णलीला की सुन्दर प्रस्तुति ....!

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

बहुत सुन्दर कविता !